सफेद दाग पर क्या खाएं, क्या न खाएं और रोग निवारण में सहायक उपाय

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सफेद दाग – Leucoderma ~ Vitiligo

इस रोग में त्वचा का प्राकृतिक रंग बदल जाता है और वहां सफेदी आ जाती है। सफेदी के कारण इसे शिवत्र भी कहते हैं। शरीर के किसी भी हिस्से पर त्वचा का रंग परिवर्तित होकर धीरे-धीरे यह रोग फैलता जाता है और एक समय ऐसा आता है, जब लगभग सारा शरीर ही सफेद हो जाता है। यह रोग संक्रामक नहीं होता और न ही इसके होने पर पीड़ा होती है। उल्लेखनीय है कि त्वचा के बाह्य स्तर में मेलेनिन नामक रंजक द्रव्य रहता है, जो त्वचा को प्राकृतिक रंग प्रदान करता है।

कारण : सफेद दाग होने के प्रमुख कारणों में त्वचा में मेलानोसाइट्स सेल्स द्वारा उत्पादित मेलेनिन की कमी, पेट में बारीक कीड़ों की उपस्थिति और खाने में तांबा तत्त्व की कमी से दागों का बढ़ना, पैतृक या वंशानुगत होना, रजस्वला, वृद्धा या अप्रिय नारी से मैथुन करना, विरुद्ध (बेमेल) भोजन करना, अधिक भोजन करने के बाद व्यायाम करना, अधपके भोजन, मांस का खाना, पहले का भोजन पचे बिना दूसरा भोजन करना, गरिष्ठ पदार्थों का सेवन, पुराना कब्ज, मन, कर्म व वचन से पाप कर्म करना, यकृत का कमजोर होना, पीलिया, कमर पर कस कर नाड़ा बांधना आदि कारण होते हैं।

लक्षण : इस रोग के लक्षणों में शुरू में हाथों, कोहनी, चेहरे, टखने, पैर, कमर आदि स्थानों पर सफेद दाग होकर धीरे-धीरे सारे शरीर में फैलते हैं तथा दागों में कोई पीड़ा नहीं होती।

What to eat during Vitiligo?

क्या खाएं

  • नमक रहित गेहूं, बाजरा, ज्वार, जौ की रोटी, जौ का दलिया, पुराना चावल, मूंग, मसूर की दाल भोजन में खाएं।
  • सब्जी में पालक, मेथी, बथुआ, परवल, तुरई, टिंडा, सहिजन, अदरक, लहसुन खाएं।
  • फलों में पपीता, अनार, चीकू, आंवला, मौसमी, खजूर, अखरोट खाएं।
  • सुबह-शाम के भोजन के बाद छाछ या गाजर का रस पिएं।
  • चने की दाल, चने की रोटी बिना नमक के कुछ महीने नियमित खाएं।

What not to eat during Vitiligo?

क्या न खाएं

  • नया अनाज, भारी, गरिष्ठ, तला हुआ, नमकीन मिर्च-मसालेदार भोजन न खाएं।
  • अचार, सिरका, दही, अमचूर, इमली, नीबू का सेवन न करें।
  • मांसाहार, शराब, तंबाकू से परहेज करें।
  • आलू, उड़द, गन्ना, प्याज, मक्खन, दूध, जामुन, मिठाई, केला न खाएं।
  • दूध और मछली या दूध और मांस एक साथ सेवन न करें।
  • तिल, गुड और दूध भी एक साथ सेवन न करें।

Remedial Measures in Vitiligo Prevention.

रोग निवारण में सहायक उपाय


What to do during Vitiligo?

क्या करें

  • खाली समय में धूप में बैठें।
  • सोने के 2-3 घंटे पहले ही भोजन कर लें।
  • कब्ज की शिकायत हो, तो दूर करें।
  • लहसुन के रस में हरड़ पीसकर दागों पर रोजाना लगाएं।
  • बेशरम/बेहया/विलायती आकड़ा का दूध होंठ और आंखों के आसपास छोड़कर शरीर के अन्य हिस्सों के दागों पर सुबह-शाम कुछ महीने नियमित लगाएं।

What not to do during Vitiligo?

क्या न करें

  • व्यायाम न करें।
  • आग तापने या धूप में दिन भर घूमने से पूरी तरह बचें।
  • खाने-पीने की सफेद चीजों से परहेज करें।
  • मल, मूत्र, वमन, शुक्र व अन्य वेगों को न रोकें।
  • रात्रि में जागरण न करें।
  • दिन में न सोएं।

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