गुर्दे के रोग । पथरी पर क्या खाएं, क्या न खाएं और रोग निवारण में सहायक उपाय

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गुर्दे के रोग । पथरी – Renal Diseases

गुर्दे दे संबंधी रोगों में गुर्दे में सृजन (नेफ्राइटिस), गुर्दे का दर्द (रेनल कोलिक), गुर्दे की पथरी (रेनल केल्कुलस), गुर्दे में पीव होना आदि आते हैं। आजकल गुर्दे और मूत्राशय में पथरी का बनना एक आम समस्या बन गई है।

कारण : पथरी उत्पन्न होने के प्रमुख कारणों में पेशाब में यूरिक एसिड, फास्फोरस, कैल्शियम और ऑक्ज़िलिक एसिड की अधिकता होती है। ये तत्त्व आपस में मिलकर गोल, चपटी, चिकनी, खुरदरी मटर के दानों जैसी सख्त आकृति का रूप ले लेते हैं। इसके अतिरिक्त शरीर में अतिरिक्त उष्णता बढ़ना, गर्म जलवायु का असर, पानी कम पीना और परिश्रम की अधिकता से पसीना अधिक निकलना, फल, सब्जियों, सलाद, मांसाहार का अधिक सेवन, अधिक श्रम वाले व्यायाम करना, विटामिन डी की विषाक्तता, थायराइड ग्रंथि की अति सक्रियता आदि कारण भी होते हैं।

लक्षण : गुर्दे में पथरी होने पर लक्षणों के रूप में चेहरे व पैरों में सूजन, पेशाब करते समय दर्द, जलन, पेशाब का रुक-रुक कर आना, शिश्न के अग्र भाग में असह्य पीड़ा, मूत्राशय में पथरी की उपस्थिति से बेचैनी, उबकाई, उलटी आना, बार-बार पेशाब करने की इच्छा, कमर में हलका या तीव्र दर्द आदि देखने को मिलते हैं।

What to eat during Renal Diseases?

क्या खाएं

  • गेहूं के आटे से चोकर निकाल कर बनी चपाती खाएं।
  • जौ से बनी चीजें जैसे—चपाती, धानी, सत्तू का अधिक सेवन करें।
  • हरी सब्जियों में सहिजन, करेला, ताजी मटर की फलियां, शलगम, पुराना कद्दू, अदरक आदि का सेवन करें।
  • फलों में आम, खरबूजा, तरबूज, अंगूर, पपीता, खीरा, नारियल, नाशपाती, अनन्नास, सेब, ककड़ी, गाजर आदि अपनी इच्छानुसार खाएं।
  • आलू, इलायची तथा गन्ना चूसना भी लाभप्रद है।
  • पथरी के दर्द के समय जौ, अलसी के बीजों का जल सेवन कराएं।
  • गर्म पानी थोड़ी-थोड़ी मात्रा में अनेक बार पिएं।

What not to eat during Renal Diseases?

क्या न खाएं

  • देर से पचने वाली गरिष्ठ चीजें सेवन न करें। .
  • आवश्यकता से अधिक मात्रा में भोजन कर शरीर का भार न बढ़ाएं।
  • नमकीन चीजें, चटनी, पापड़, अचार, चाय, कॉफी, शराब, बीयर, सोडा, कोल्ड ड्रिंक्स, मांस, मछली के सेवन से परहेज करें।
  • हरी सब्जियों में पालक, टमाटर, बैगन, मूली, जिमीकंद, कचालू, प्याज, चुकंदर आदि का सेवन न करें।
  • फलों में स्ट्राबेरी, आडू, बेर, अंजीर, रसभरी तथा किशमिश, मुनक्का जैसे ड्राई फ्रूट के सेवन से परहेज करें।
  • दूध और दूध से बने पदार्थ दही, पनीर, मक्खन, टॉफी, चाकलेट का सेवन न करें।

Remedial Measures in Renal Diseases Prevention.

रोग निवारण में सहायक उपाय


What to do during Renal Diseases?

क्या करें

  • बिस्तर पर पूर्ण आराम करें।
  • दर्द की जगह पर गर्म सिकाई करें।
  • शरीर को उस अवस्था में रखें, जिसमें दर्द में आराम मिले।
  • योगासन में हलासन, भुजंगासन, धनुरासन, पवन मुक्तासन करें।

What not to do during Renal Diseases?

क्या न करें

  • पेशाब और शुक्र (वीर्य) के वेग को न रोकें।
  • अपनी मर्जी से दर्द निवारक एलोपैथिक दवाएं सेवन न करें।
  • व्यायाम जारी न रखें।

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