निमोनिया पर क्या खाएं, क्या न खाएं और रोग निवारण में सहायक उपाय

निमोनिया – Pneumonia

बच्चों और बूढ़ों में इम्यूनिटी कम होने के कारण उन्हें यह रोग जल्दी हो जाता है। यों तो निमोनिया किसी को भी संक्रमण के कारण हो सकता है। इस रोग में फेफड़ों के अंदरूनी हिस्सों में संक्रमण के कारण सूजन आ जाती है और भीतर के कोष्ठकों में द्रव्य इकट्ठा हो जाता है।

कारण : निमोनिया अनेक प्रकार का होता है तथा उसके कारण भी अलग-अलग होते हैं—डिपलो कोकस निमोनिया, स्ट्रेप्टोकोकस, स्टेफिलोकोकस, एच. इंफ्लुएंजा वायरस आदि के संक्रमण से होता है, जबकि लोबर निमोनिया न्यूमोकोकस बैक्टीरिया से होता है। ब्रोंकाइटिस, मधुमेह, फ्लू, हृदय या वृक्क के रोग, डिप्थीरिया, हैजा, खसरा, सर्दी-जुकाम आदि रोग निमोनिया के मध्य या बाद में हो जाते हैं।

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लक्षण : इस रोग के लक्षणों में अचानक तेज ज्वर के साथ छाती में दर्द, पसीना और पेशाब की अधिकता, सिर दर्द, प्यास अधिक लगना, चेहरा, मुंह तथा नेत्र लाल होना, सूखी खांसी आना, श्वास की गति बढ़ जाना, पीठ के बल लेटने में कष्ट बढ़ना, फेफड़ों में सूजन आना, नाड़ी की गति बढ़ना, बलगम के साथ खून आना, भूख कम लगने से कमजोरी आदि देखने को मिलते हैं।

What to eat during Pneumonia?

क्या खाएं

  • गर्म चाय, गर्म दूध और कॉफी पिएं।
  • आहार में तरल चीजें, जैसे—चावल की पतली लपसी, साबूदाना की खीर, बार्ली, शोरबा, आंशिक रूप से उबला या फेंटा हुआ अंडा, अरारोट, मूंग, मसूर की दाल का सूप आदि सेवन करें।
  • लेमनेड या सादा पानी गर्म कर भरपूर मात्रा में पिएं।
  • एक लहसुन की कली पीसकर 2 चम्मच गर्म पानी के साथ सुबह-शाम खाएं।
  • प्यास लगने पर गर्म पानी में एक चम्मच शहद घोल कर पिलाते रहें।

What not to eat during Pneumonia?

क्या न खाएं

  • भारी, गरिष्ठ, तला, मिर्च-मसालेदार ठोस भोजन का सेवन न करें।
  • ठंडा, बरफ का पानी, आइसक्रीम, ठंडे पेय न लें।
  • शराब, तंबाकू जैसे उत्तेजक पदार्थ न खाएं।
  • जूठे बर्तनों में रखी या बासी खाने-पीने की चीजें सेवन न करें।

Remedial Measures in Pneumonia Prevention.

रोग निवारण में सहायक उपाय


What to do during Pneumonia?

क्या करें

  • रोगी को सम तापमान वाले कमरे में रखें जहां शुद्ध वायु का आवागमन भी हो।
  • सर्दी न लगे, इसके लिए कपड़े पहनाएं और पांवों को गर्म रखें।
  • रोगी को पूरा आराम करने दें। उससे ज्यादा बातचीत न करने को कहें।
  • छाती व पीठ पर सरसों के तेल की मालिश कर फलालैन का कपड़ा लपेट दें। अधिक पीड़ा होने पर सफेद तेल (लिनिमेंट टपेंटाइन) की मालिश कर सिकाई करें।

What not to do during Pneumonia?

क्या न करें

  • दरवाजे, खिड़कियां बंद करके न सोएं।
  • अधिक चलने-फिरने तथा शारीरिक परिश्रम से बचें।
  • बच्चों और कमजोर बुजुर्गों को रोगी के कमरे में अधिक आने-जाने न दें।
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