स्वप्नदोष पर क्या खाएं, क्या न खाएं और रोग निवारण में सहायक उपाय

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स्वप्नदोष – Nightfall

दमित कामोत्तेजना के कारण जब स्वप्न में किसी सुंदर नवयुवती के साथ रंगरेलियां मनाने, आलिंगनबद्ध होने अथवा उससे संभोग का सफल-असफल प्रयास करने के दौरान वीर्यपात हो जाता है, तो इसे स्वप्नदोष कहते हैं। युवावस्था में महीने में 5-6 बार स्वप्नदोष होना कोई रोग का लक्षण नहीं है, बल्कि ऐसा होना स्वाभाविक प्रक्रिया है। जब शुक्राशय, प्रोस्टेट और अन्य ग्रंथियों से निकलने वाला स्राव शरीर में आवश्यकता से अधिक जमा हो जाता है और स्त्री संभोग या हस्तमैथुन के द्वारा बाहर नहीं निकाला जाता, तो ऐसे में निद्रावस्था में कामुक दृश्य देखकर या वासनात्मक क्रीड़ाएं करके मस्तिष्क स्वयं वीर्य को शरीर से बाहर निकाल देता है। इससे किसी प्रकार की शारीरिक हानि नहीं होती, बल्कि मानसिक तनाव दूर होकर एक अजीब-सी स्फूर्ति व इंद्रियों में ताजगी आती है।

कारण : स्वप्नदोष होने के प्रमुख कारणों में निरंतर कामोत्तेजक विचारों का चिंतन-मनन करना, अश्लील साहित्य पढ़ना, नग्न फोटो एलबम देखना, रोमांटिक फिल्में देखना, भोग विलास की बातों में रस लेना, सुंदर लड़की और स्त्री को कामुक दृष्टि से देखकर मानसिक व्यभिचार करना, युवतियों से निकट संबंध स्थापित कर अश्लील करना, हस्तमैथुन से काम-पिपासा शांत करना, अप्राकृतिक मैथुन में लिप्त रहना, गर्म उत्तेजक मिर्च-मसालेदार, चटपटी, खट्टी चीजें अधिक खाना, मांस, मछली, अंडे, शराब, तंबाकू, गुटखे खाना, व्यायाम न करना, कब्ज की शिकायत, धूम्रपान, पेट में कृमि होना, अधिक उम्र तक विवाह न करना आदि होते हैं।

लक्षण : इस रोग के लक्षणों में पीड़ित व्यक्ति के चेहरे की रौनक चली जाना, आंखें अंदर धंसना, आंखों के चारों ओर कालापन आना, नजर कमजोर होना, शरीर में सुस्ती, कमजोरी महसूस होना, स्मरण शक्ति का घटना, स्वभाव चिड़चिड़ा होना, जीवन के प्रति निराशा और निरुत्साह, सिर दर्द की शिकायत, थोड़े से परिश्रम से थकना, हाथ-पैरों का ठंडा रहना, किसी से नजरें मिलाकर बात करने की हिम्मत न होना, मन में अपराध भावना का पनपना, एकांत प्रिय होना, शीघ्रपतन की समस्या, पेशाब करने पर लसदार स्राव निकलना आदि देखने को मिलते हैं।

What to eat during Nightfall?

क्या खाएं

  • सादा, सुपाच्य, सात्विक, संतुलित एवं पौष्टिक भोजन खाएं। सोने से तीन घंटे पूर्व भोजन अवश्य कर लें।
  • दो केले सुबह-शाम एक कप दूध के साथ रोजाना सेवन करें।
  • मेवों में पिस्ता, बादाम, छुआरा, मुनक्का, काजू, अखरोट खाएं।
  • अदरक और सफेद प्याज का रस एक-एक चम्मच मिलाकर एक चम्मच शहद के साथ सुबह-शाम नियमित सेवन करें।
  • आंवले का मुरब्बा सुबह-शाम के भोजन के साथ रोज खाएं।
  • मीठे फल, बेर, लहसुन, प्याज, शहद, रबड़ी, मलाई, मक्खन आदि खाएं।

What not to eat during Nightfall?

क्या न खाएं

  • भारी, गरिष्ठ, तले, मिर्च-मसालेदार, चटपटे भोजन सेवन न करें।
  • अचार, नीबू, खटाई, अमचूर न खाएं।
  • भोजन में ऊपर से अतिरिक्त नमक मिलाकर न खाएं।
  • कड़क चाय, कॉफी, शराब, तंबाकू, गुटखे, भांग का सेवन न करें।

Remedial Measures in Nightfall Prevention.

रोग निवारण में सहायक उपाय


What to do during Nightfall?

क्या करें

  • जल्दी सोने और जल्दी उठने की आदत बनाएं।
  • रात में तांबे के बर्तन में रखा पानी सुबह खाली पेट पिएं।
  • नियमित खुली हवा में घूमने जाएं। हलका व्यायाम और मालिश करें।
  • शीतल जल से स्नान करें। कभी-कभी कटि या मेहन स्नान भी करें।
  • स्नान करते समय शिश्नमुंड की गंदगी रोज साफ करें।
  • सोते समय धार्मिक या मनोरंजक पुस्तकें पढ़ें।
  • सोने से पूर्व पेशाब करें और सुबह नींद खुलते ही फिर पेशाब करें।

What not to do during Nightfall?

क्या न करें

  • अश्लील, कामोत्तेजक साहित्य न पढ़ें।
  • रोमांटिक फिल्में व टी.वी. के कामोत्तेजक कार्यक्रम न देखें।
  • हस्तमैथुन, गुदा मैथुन, व्यभिचार से बचें।
  • परनारी को कामुक दृष्टिकोण से न देखें।
  • कब्ज की शिकायत पैदा न होने दें।

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