मुंह से दुर्गंध पर क्या खाएं, क्या न खाएं और रोग निवारण में सहायक उपाय

मुंह से दुर्गंध – Halitosis

जिसके मुंह से दुर्गंध आती है, उसकी सांस और बात करते समय निकलने वाली हवा भी दुर्गंधयुक्त होती है। यों तो आजकल पूर्ण स्वस्थ दिखाई देनें वालों के मुंह से भी दुर्गंध आना एक आम बात हो गई है। अनेक बार पति-पत्नी क प्यार में कमी होने का कारण मुंह की दुर्गंध ही होती है। यह एक ऐसा रोग है, जिससे हर मनुष्य घृणा करता है। सांसों से दुर्गंध आने की इस बीमारी को मेडिकल की भाषा में हेलीटॉसिस कहते हैं।

कारण : मुंह से दुर्गंध आने के प्रमुख कारणों में दांतों और मसूड़ों का रोग, पायरिया होना, दांतों पर जमी मैल, टांसिल की सूजन, नाक व साइनस के विकार या संक्रमण होना, मुंह में घाव, श्वास नली व फेफड़ों के विकार, पाचन संस्थान का ठीक से काम न करना, जीभ पर जमी मैल, गंदे नकली दांत, मुख गुहा का कैंसर, धूम्रपान, तंबाकू, गुटखे का सेवन, मदिरापान, पान का अति सेवन, मधुमेह, कब्ज, पेट के अल्सर, अपच, टी.बी., निमोनिया, साइनस, डिप्थीरिया, लहसुन-प्याज का सेवन, दांतों में भोजन के कण फंसे रहना, दांतों की नियमित सफाई न करना आदि होते हैं।

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लक्षण : इस रोग में लक्षणों के रूप में मुंह से दुर्गंध आना, पेट खाली होने पर आंतरिक गर्मी के कारण अधिक दुर्गंध आना, मसूड़ों से पीप आना, जी मिचलाहट, सबेरे बासी मुंह अधिक दुर्गंध निकलना, शीतल पेयों के सेवन से पेट में गुड़गुड़ की आवाज, उदर में बोझ प्रतीत होना आदि लक्षण देखने को मिलते हैं।

What to eat during Halitosis?

क्या खाएं

  • शुद्ध, सात्विक, हलका, सुपाच्य भोजन खाएं।
  • जीभ का मैलापन दूर करने के लिए लाल टमाटर पर सेंधा नमक लगाकर खाएं।
  • कच्चा पालक, पत्ता गोभी चबा-चबा कर सुबह-शाम खाएं।
  • जीरे को हलका भूनकर सुबह-शाम भोजन के बाद चबाएं।
  • आधा चम्मच सोंठ का चूर्ण दोनों समय के भोजन के बाद सेवन करें।
  • भोजन के बाद तुलसी, पुदीना, कच्ची शलगम चबा-चबा कर खाएं।
  • फलों में संतरा, नारंगी, नीबू, आंवला सेवन करें।

What not to eat during Halitosis?

क्या न खाएं

  • भोजन में भारी, गरिष्ठ, तले, मिर्च-मसालेदार, चटपटी चीजें न खाएं।
  • अत्यधिक चीनी युक्त खाद्य पदार्थों और पेयों से परहेज करें।
  • चॉकलेट, टॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स, जैम, जैली, आइसक्रीम, मिठाई न खाएं।
  • चाय, कॉफी, शराब, मांस, मछली का अधिक सेवन न करें।
  • अत्यधिक गर्म चीजें न खाएं।

Remedial Measures in Halitosis Prevention.

रोग निवारण में सहायक उपाय


What to do during Halitosis?

क्या करें

  • टंग क्लीनर से रोजाना सुबह जीभ की सफाई करें।
  • सुबह और सोने से पहले टूथब्रश या मंजन से दांतों की सफाई करें।
  • रक्त और पीप आने से रोकने के लिए नीबू का रस और शहद मिलाकर मसूड़ों पर मलें।
  • नीबू, पुदीने का रस तथा नमक एक गिलास गुनगुने पानी में मिलाकर सुबह-शाम कुल्ले करें।
  • कभी-कभार लौंग, इलायची, अजवाइन मुलहठी चूसते रहें।

What not to do during Halitosis?

क्या न करें

  • अत्यधिक कड़े ब्रुश से दांतों की सफाई न करें।
  • मीठी चीजें खाकर बिना दांतों की सफाई किए न सोएं।
  • कब्जियत पैदा न होने दें।
  • मुंह के रोगों का इलाज कराने में लापरवाही न करें।
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