रक्त प्रदर पर क्या खाएं, क्या न खाएं और रोग निवारण में सहायक उपाय

रक्त प्रदर – Dysmenorrhoea

मासिक धर्म के समय स्त्रियों में योनि मार्ग से जो रजःस्राव होता है, उसमें जब रक्त का स्राव सामान्य से अधिक मात्रा में हो, तो उसे रक्त प्रदर के नाम से जाना जाता है। कभी-कभी यह स्राव मासिक धर्म के अलावा भी निकलता रहता है।

कारण : इस रोग के उत्पन्न होने के प्रमुख कारणों में गर्भाशय का अपने स्थान से हट जाना, उसका उलट जाना, उसका प्रदाह, गर्भपात, अत्यधिक मैथुन करने, घोड़ा, ऊंट, साइकिल, स्कूटर, मोटर साइकिल आदि की सवारी अधिक करना, काम, क्रोध, भय, चिंता, शोक, द्वेष से उत्पन्न मानसिक संताप, ज्यादा परिश्रम करना, अधिक व्यायाम जैसे नृत्य, रस्सी कूदना, दौड़ना, मिथ्या आहार-विहार, खाए हुए भोजन के पचने से पहले पुन: भोजन करना, विरुद्ध भोजन, मांस, मछली, अंडे, शराब, बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू का अधिक सेवन, बार-बार गर्भपात होना, जल्दी-जल्दी बच्चा पैदा करना, सेक्सी साहित्य पढ़ना, उत्तेजक फिल्में देखना, दिन में सोना और देर रात तक जागरण करना, संभोग से उत्पन्न बीमारियां यथा उपदंश, सूजाक, गर्भाशय में ट्यूमर, घाव, रक्ताधिक्य, यकृत और किडनी के रोग आदि होते हैं।

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लक्षण : रक्त प्रदर के लक्षणों में उष्ण एवं तीव्र वेग से रक्तवर्ण, कालापन लिए मटमैला स्राव होना, स्राव कभी पतला, कभी गाढ़ा और कभी थक्केदार निकलता है, शरीर के अंगों का टूटना, हाथ-पैर के तलवों में दाह व जलन, कमर में दर्द होना, पेडू में दर्द, शरीर में दाह, भ्रम, अधिक प्यास लगना, शरीर में खून की कमी से एनीमिया, शारीरिक दुर्बलता, आंखों के आगे अंधेरा छा जाना, सिर में चक्कर महसूस होना, मूर्च्छा आना आदि देखने को मिलते हैं।

What to eat during Dysmenorrhoea?

क्या खाएं

  • सादा, सुपाच्य, पौष्टिक, संतुलित भोजन करें। ,
  • चोकर सहित बनी रोटी, चावल, मूंग, मसूर की दाल, मूंग की खिचड़ी सेवन करें।
  • सब्जी में परवल, पालक, तुरई, कद्दू, टिंडा, कुलफा खाएं।
  • फलों में अंगूर, केला, नाशपाती का सेवन करें।
  • एक पका केला खाकर ऊपर से एक गिलास ठंडा दूध एक चम्मच शुद्ध घी मिलाकर पिएं या एक गिलास ठंडे दूध में इच्छानुसार मिस्री और केले मसलकर सेवन करें।
  • कच्चे या सिके चने अल्प मात्रा में सुबह-शाम खाएं।

What not to eat during Dysmenorrhoea?

क्या न खाएं

  • भारी, गरिष्ठ, तली-भुनी, मिर्च-मसालेदार चीजें न खाएं।
  • मांस, मछली, अंडा, लाल-मिर्च, गुड का सेवन न करें।
  • गर्मा-गरम चाय, दूध, शराब, तंबाकू से परहेज करें।

Remedial Measures in Dysmenorrhoea Prevention.

रोग निवारण में सहायक उपाय


What to do during Dysmenorrhoea?

क्या करें

  • अत्यधिक मानसिक व शारीरिक परिश्रम करने से बचें।
  • कमर के नीचे तकिया लगाकर नितम्ब को ऊंचा रखकर आराम करें।
  • सुबह-शाम घूमने जाएं।
  • कब्ज की शिकायत रहे, तो एनिमा लगाएं।

What not to do during Dysmenorrhoea?

क्या न करें

  • अति मैथुन न करें।
  • देर रात्रि तक जागरण न करें।
  • घोड़ा, ऊंट, साइकिल, मोटरसाइकिल न चलाएं।
  • मानसिक संताप उत्पन्न करने वाले विचार मन में न लाएं।
  • नृत्य, रस्सी कूदना, दौड़ना जैसे व्यायाम न करें।
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