अतिसार। डायरिया पर क्या खाएं, क्या न खाएं और रोग निवारण में सहायक उपाय

अतिसार। डायरिया – Diarrhoea

असामान्य रूप से पतले, पानी मिले, बिना मरोड़ के मल का बार-बार त्याग करना अतिसार कहलाता है। यह एक जाना-पहचाना बच्चों, जवानों और सभी को हो जाने वाला आम रोग है।

कारण : डायरिया उत्पन्न होने के प्रमुख कारणों में एकाएक मौसम बदलने, पाचन अंगों के कार्य में गड़बड़ी, ऋतु के विपरीत आहार-विहार, नमकीन, तीखे, मिर्च-मसालेदार भोजन का अधिक सेवन, गरिष्ठ, पाचन में भारी, तली, मीठी चीजें ज्यादा खाना, दूषित फल और जल का सेवन, अति शीतल जल, बर्फ अधिक खाना, पूर्व में किए भोजन के पाचन के पूर्व ही दुबारा भोजन करना, पेट में कृमि होना, भय, शोक, दुःख, मानसिक संताप, आतंक का प्रभाव, रात्रि जागरण आदि होते हैं।

Loading...

लक्षण : अतिसार के लक्षणों के रूप में दस्त आने के पहले हलका, मीठा पेट दर्द होना, कभी थोड़ा गाढ़ा तो कभी पानी के समान पिचकारी की तरह तेजी के साथ मल निकलना, शारीरिक दुर्बलता, पेट दबाने पर पीड़ा होना, जीभ सूखना आदि लक्षण देखने को मिलते हैं।

What to eat during Diarrhoea?

क्या खाएं

  • ओ.आर.एस. घोल या एक गिलास पानी में एक चम्मच चीनी और चुटकी भर नमक मिलाकर थोड़ी-थोड़ी देर बाद एक-एक कप पिएं।
  • भोजन के रूप में दही-चावल या खिचड़ी खाएं।
  • चावल का धोवन, मूंग या मसूर की दाल का सूप, अरारोट, साबूदाना की खीर, बार्ली या छाछ इच्छानुसार सेवन करें।
  • दोपहर के भोजन में लौकी का रायता या दही की लस्सी लें।
  • एक कप दही में एक केला मिलाकर सुबह, दोपहर, शाम सेवन करें।
  • नीबू , मौसमी, संतरे, अनार का रस लें।
  • कच्चा, पक्का पपीता, गन्ने का रस, मीठा सेब खाएं। बेल का मुरब्बा भी खा सकते हैं।

What not to eat during Diarrhoea?

क्या न खाएं

  • बासी, तली, भारी, मिर्च-मसालेदार चीजें तथा गेहूं से बने खाद्य पदार्थ सेवन न करें।
  • शराब, चाय, कॉफी, दूध न पिएं।
  • मक्खियां बैठी या बिना ढकी हुई खाने-पीने की चीजें न खाएं।
  • फ्रिज में रखे हुए पदार्थ बाहर निकाल कर तुरंत न खाएं।
  • आलू, इमली, बैगन, घुइयां, गोभी, अचार का सेवन न करें।
  • दावतों में बहुत पहले से कटे हुए प्रदूषित सलाद के सेवन से बचें।

Remedial Measures in Diarrhoea Prevention.

रोग निवारण में सहायक उपाय

What to do during Diarrhoea?

क्या करें

  • पीने का पानी उबालकर, ठंडा करके पिएं।
  • पेट को गर्म कपड़े से ढक कर रखें।
  • भोजन करने के पूर्व हाथों की सफाई अवश्य करें।
  • हाथों के नाखून काट कर रखें।
  • प्याज को पीसकर नाभि पर लेप करें।

What not to do during Diarrhoea?

क्या न करें

  • मल-मूत्र, अपानवायु आदि के वेग को न रोकें।
  • रात्रि में जागरण या दिन में सोने की आदत न बनाएं।
  • अंगूठों और अंगुलियों के नाखून न बढ़ाएं और न उनमें मैल जमा होने दें।
  • गंदा व बासी पानी न पिएं।
Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept