सर्दी-जुकाम पर क्या खाएं, क्या न खाएं और रोग निवारण में सहायक उपाय

सर्दी-जुकाम – Cold ~ Coryza

सर्दी-जुकाम सब ऋतुओं में होता है, लेकिन शीत ऋतु में सबसे अधिक फैलता है। यह एक संक्रामक रोग है, जो राइनो वायरस विषाणु से फैलता है। कमजोर शरीर वालों और बच्चों को यह रोग अधिक शीघ्रता से होता है, क्योंकि उनकी सुरक्षात्मक शक्ति (इम्यून पॉवर) कमजोर होती है। यों तो यह बीमारी 4-5 दिन में ठीक हो जाती है, लेकिन यदि बिगड़ जाए, तो ब्रोंकाइटिस, ब्राकोन्यूमोनिया, प्लूरिसी, टी.बी., गठिया का बुखार, बहरापन जैसे रोगों को जन्म दे सकती है।

कारण : सर्दी-जुकाम उत्पन्न होने के प्रमुख कारणों में राइनो वायरस विषाणु का संक्रमण, शरीर में विजातीय द्रव्यों का इकट्ठा होना, वर्षा के जल में भीगना, ठंडी हवा लगना, गर्म स्थान से एकाएक अधिक ठंडे स्थान में जाना, एकाएक पसीना बंद होना, भोजन ठीक तरह से न चबाना, एक साथ कई चीजें खाना, आवश्यकता से अधिक प्रोटीन, शर्करा, चिकनाई सेवन करना, कब्ज की शिकायत, मांस अधिक खाना, चिंता, उत्तेजना, क्रोध, थकान की अवस्था में भोजन करना, शीतल पदार्थों का सेवन, रात्रि जागरण, जुकाम पीड़ित रोगी के संपर्क में आना आदि होते हैं।

लक्षण : रोग के प्रमुख लक्षणों में आना, नाक में जलन व खुजली, नाक बहना, पहले पानी सा पतला द्रव निकलना, फिर धीरे-धीरे गाढ़े कफ-सा द्रव निकलना, नाक बंद होना, सांस लेने में तकलीफ, किसी काम में मन न लगना, सिर दर्द, बदन टूटना, गले में खराश, गंध का अनुभव न होना, हलका बुखार आना, मुंह का स्वाद बिगड़ना, आंखें सृजना, आंखों से पानी बहना, खांसी आदि देखने को मिलते हैं।

What to eat during Cold?

क्या खाएं

  • गेहूं, बाजरा, मक्का, ज्वार की रोटी और छिलके वाली मूंग की दाल, मोठ, मसूर की दाल खाएं।
  • मूली, ककड़ी, चुकंदर, पालक, टमाटर, शलगम, गोभी, लौकी, गाजर सेवन करें।
  • फलों में अमरूद, केला, सेब, चीकू, पपीता, आम, अंजीर, शहतूत, अनार, खीरा, नारंगी, संतरा, आंवला, नीबू खाएं।
  • एक गिलास गुनगुने पानी में 2-3 चम्मच शहद मिलाकर सुबह-शाम पिएं।
  • मुनक्का, घी, मावा, रबड़ी, गाजर का हलवा, गुड के मिष्ठान खाएं।
  • एक गिलास गुनगुने पानी में एक नीबू और चुटकी भर नमक मिलाकर पिएं।
  • जड़ी-बूटियों से निर्मित आयुर्वेदिक चाय गरम-गरम पिएं।

What not to eat during Cold?

क्या न खाएं

  • भारी, गरिष्ठ, तली, मिर्च-मसालेदार, चटपटी चीजें न खाएं।
  • दही, मट्ठा, खटाई बिल्कुल सेवन न करें।
  • चावल, अरहर की दाल, दूध, वनस्पति घी, तेल आदि चिकनाई न खाएं।
  • ठंडी तासीर की चीजें, बर्फ, आइसक्रीम, फ्रिज का पानी, कोल्ड ड्रिंक्स न पिएं।
  • एक साथ अनेक चीजें मिलाकर न खाएं।

Remedial Measures in Cold Prevention.

रोग निवारण में सहायक उपाय


What to do during Cold?

क्या करें

  • अधिक-से-अधिक विश्राम करें।
  • रूमाल में नीलगिरी का तेल डालकर
  • गरम वातावरण में रहें। धूप में या अंगीठी/हीटर के पास बैठें।
  • कब्ज की शिकायत दूर करें। गुनगुने पानी का एनिमा लें।
  • जायफल को पानी में घिसकर शहद के साथ 2-3 बार सेवन करें।
  • गर्म पानी की भाप सूंघें।
  • गर्म पानी में नमक मिलाकर गरारे करें।
  • संभव हो सके, तो उपवास करें।

What not to do during Cold?

क्या न करें

  • ठंडे पानी से स्नान न करें।
  • सीलनदार, ठंडे, अंधेरे कमरे में न रहें।
  • आंसू, डकार, मल-मूत्र के वेगों को न रोकें।
  • कूलर युक्त, वातानुकूलित ठंडे कमरे में न जाएं।
  • स्त्री सहवास न करें।
  • दिन में न सोएं।

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