बहती नाक को रोकने के लिए घरेलू इलाज [ Naak Bahne Ka Gharelu ilaj ]

तरह-तरह की बीमारियों में से “नाक बहना” एक बहुत ही छोटी व परेशान कर देने वाली समस्या है, ये इंसान को अंदर से झकझोर देती है, इसके मुख्य कारण सर्दी लगना, जुखाम होना, नाक की नलिका में बलगम बढ़ना होता है। नाक बहना जल्दी बंद ना करें तो ये सिर दर्द व अन्य परेशानियों का बुलावा माना जाता है, इसको रोकने के कुछ घरेलू उपाय निम्न है, जिनसे नाक के बहने से जल्द राहत मिल सकती है:-

बहती नाक को रोकने के लिए करें तेल का इस्तेमाल

उपयोग करने की विधि : 3 बूँद पेपरमिंट तेल में लैवेंडर तेल को मिक्स कर दें, मिलाने के बाद इस घोल को छाती पर लगा कर मालिश करें, और कुछ देर तक ऐसे ही लगा हुआ छोड़ दें, इसको दिन में 2 से 3 बार दोहरायें।

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होने वाले फायदे : पेपरमिंट तेल में मेंथोल जिसको छाती पर मलने से छाती को decongestant कर देता है और बलगम को पतला कर देता है और इसके संक्रमण को रोकने वाले गुण नाक को बहने से रोकता है।

बहती नाक को रोकने के लिए उपयोग करें नमक का पानी

इसको उपयोग करने की विधि : 2 कप गरम पानी कर लें व उसमे 1 से 2 चम्मच नमक डालें और घोल बना लें, मिश्रण को ड्रॉपर में डाल कर व सहेज तरीके से नाक में डालें, इस प्रक्रिया को दिन मे 1-2 बार कीजिये।

होने वाले फायदे : नमक का पानी बलगम को पतला करता है व् नाक से बाहर निकाल देता है, इससे नाक में होने वाली जलन भी दूर होती है, नमक का पानी घरेलू नुस्खो में बहुत उपयोगी माना जाता है।

बहती नाक को रोकने के भाप का उपयोग करें

इसको उपयोग करने की विधि : जुकाम व् नाक बहने पर भाप लेना भी बहुत उपयोगी माना जाता है, इस विधि में एक बड़ा कटोरा भर के गरम पानी कर लें व मोटे तौलिये से ढक कर लगभग 10 मिनट तक भाप लें, इसको दिन में व रात को सोने से पहले दोहरायें।

होने वाले फायदे : पानी की गरमाहट, बलगम को पतला कर उसको नाक से बाहर निकालने में मदद करती है, भाप लेना घरेलू नुस्खो में सबसे ज्यादा प्रयोग किये जाने वाला नुस्खा है।

बहती नाक को रोकने के लिए करे लालमिर्च का प्रयोग

इसको उपयोग करने की विधि : बहती नाक बंद करने के लिए लाल मिर्च का उपयोग भी काफी काम आता है, लाल मिर्च एंटीहिस्टामाइन की तरह कार्य करती है व् नाक से बलगम को निकालने में मदद करती है।

होने वाले फायदे : इसके इस्तेमाल से शरीर गरम होने लगता है व् बलगम के निकलने में आसानी होती है।

बहती नाक को बंद करने के लिये करे चाय का प्रयोग

इसको उपयोग करने की विधि : नाक बहनेे से रोकने के लिए गरम चाय पीना भी बहुत उपयोगी साबित होता है, गर्म पेय पदार्थ शरीर में गरमाहट लाता है, व इसकी भाप की वजह से नाक खुल जाती है, चाय में कैमोमाइल, अदरक, पुदीना या बिच्छू बूटी मिला कर पिये।

होने वाले फायदे : चाय पीने से गले में जमा खराश पतला होकर नष्ट होने लगती है, सामान्य चाय के अलावा हर्बल चाय भी बहती नाक को रोकने के लिए बहुत फायदेमंद होती है।

बहती नाक के इलाज के लिए कीजिये अदरक का उपयोग

इसको उपयोग करने की विधि : घरेलू उपायों में अदरक का इस्तेमाल भी बहुत उपयोगी होता है, कुछ मात्रा में अदरक लेकर उसको नमक में मिलाकर रख लें और दिन में अपनी सुविधा के अनुसार चबाएं, अदरक के रस से गले की खराश में काफी आराम पड़ेगा।

होने वाले फायदे : अदरक में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो कई प्रकार की बीमारियों का इलाज करने में काम आते हैं, अदरक को चाय में डालकर पीने से भी काफी आराम मिलता है।

बहती नाक को रोकने के लिये करें लहसुन का प्रयोग

इसको उपयोग करने की विधि : लहसुन की फाकें लें उनको साबुत छील कर चबाएं व थोड़ी देर बाद सटक जाएँ, लहसुन निगलने से काफी आराम मिलेगा, पूरे दिन में लहसुन की 3 से 4 फाकें खाएं। खाली पेट खाने से फायदा अधिक होगा।

होने वाले फायदे : लहसुन शरीर में जाते ही शरीर को गरम कर देता है, व नाक बहने की समस्या में काफी हद तक आराम देता है, लहसुन प्रकृति में एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल होता है व कीटाणु मारने में मदद करता है।

बहती नाक को रोकने के लिये उपयोग करे नीलगिरी का तेल

इसको उपयोग करने की विधि : घरेलू विधियों में नीलगिरी तेल का इस्तेमाल काफी उपयोगी होता है, एक नीलगिरी तेल की छोटी बोतल लायें और एक पतले रुमाल पर उसकी कुछ बूंदों को छिड़क लें और पूरे दिन सूंघते रहने से काफी आराम मिलता है।

होने वाले फायदे : नीलगिरी के तेल में मौजूद एंटी-वायरल गुण सर्दी को कम करने में मदद करते हैं व् बहती नाक को रोक देते हैं, इस तेल में सूजनरोधी व एनाल्जेसिक के गुण भी मौजूद होते हैं।

बहती नाक को रोकने के लिए कीजिये शहद का उपयोग

इसको उपयोग करने की विधि : एक ग्लास गुनगुने पानी में 1 चम्मच शहद मिला कर ताजा निम्बू मिलाएं, मिलाने के बाद इसके मिश्रण को पी जाएँ, इसको दिन में 2 बार दोहराएं।

होने वाले फायदे : इसमें मौजूद एंटी-माइक्रोबियल और निम्बू में मौजूद विटामिन-C कीटाणु को मारते हैं व् बलगम की समस्या को खत्म करते हैं, शहद नाक की नलिका की सूजन को भी कम करते हैं।

बहती नाक को रोकने के लिये कीजिए गरम पानी का स्नान

इसको उपयोग करने की विधि : घरेलू उपायों में गरम पानी से स्नान करना, गरम पानी को पीना भी काफी लाभदायक है, नहाते समय गरम पानी को अच्छे से सूंघे, नाक के अन्दर भी थोडा गरम पानी छिड़कें जिससे बहती नाक को रोकने में आराम मिलेगा।

होने वाले फायदे : जिस तरह से चाय बहती नाक में आराम करती है , वैसे ही गरम पानी भी लाभ देता है।

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