संधिवात । घुटनों का दर्द । जोड़ों में दर्द । गठिया का आयुर्वेदिक उपचार

Joint Inflammation ~ Arthritis Home Remedies In Hindi

शीत ऋतु में अधिक आयु के स्त्री-पुरुषों के घुटनों और उंगलियों के जोड़ों पर शोथ हो जाती है। उस शोथ में तीव्र शूल होता है। इस विकृति को चिकित्सक संधिवात कहते हैं। जनसाधारण में इस विकृति को ‘गठिया’ कहते हैं।

Why does Arthritis happens?
गठिया क्यों होता है?

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उत्पत्ति : चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार भोजन में शीतल खाद्य पदार्थों के सेवन से अधिक आयु में संधिवात की विकृति होती है। भोजन में जब अधिक मिर्च-मसाले व अम्ल रस के खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाता है तो अम्ल अधिक बनता है। अम्ल रक्त के साथ मिलकर संधि स्थलों घुटनों, उंगलियों, नितम्बों में पहुंचकर संधिवात की उत्पत्ति करता है। संधियों में शोथ होने के साथ शूल होने लगता है।

मांस, मछली और दूषित, बासी भोजन करने वाले, अधिक रात्रि जागरण करने वाले और स्थूल शरीर वाले स्त्री-पुरुष संधिवात से अधिक पीड़ित होते हैं। शीतल वातावरण में रहने वाले स्त्री-पुरुषों को भी संधिवात रोग अधिक होता है। नदी, तालाबों में अधिक स्नान करने, तैरने और घरों में भीगे वस्त्रों में देर तक काम करने से भी संधिवात की उत्पत्ति होती है।

What are Symptoms of Arthritis?
घुटनों का दर्द के लक्षण क्या है ?

लक्षण : संधिवात में शरीर के किसी संधि (जोड़) में शोथ की उत्पत्ति होती है। धीरे-धीरे शोथ विकसित होता है और तीव्र शूल होने लगता है। शोथ के कारण त्वचा लाल हो जाती है। संधि शोथ को स्पर्श करने में भी पीड़ा होती है। रात को अधिक पीड़ा होने से रोगी की नींद नष्ट हो जाती है।

संधि शोथ और शूल के कारण रोगी चलने-फिरने में असमर्थ हो जाता है। उठकर खड़े होने में भी तीव्र शूल होता है। संधिवात के कारण रोगी को ज्वर भी हो जाता है। संधिवात के उग्र रूप धारण करने पर रोगी की भूख नष्ट हो जाती है।

What to eat on Arthritis?
गठिया होने पे क्या खाएं?

  • लहसुन की एक-दो कली प्रतिदिन हल्के गर्म जल के साथ सेवन करें।
  • गर्म जल व दूध में मधु मिलाकर पीने से बहुत लाभ होता है।
  • लहसुन की कलियों को सरसों के तेल में देर तक उबालकर जलाएं, फिर उस तेल को छानकर संधि शोथ के अंगों पर मालिश करें।
  • मेथी का चूर्ण बनाकर प्रतिदिन 3 ग्राम चूर्ण हल्के गर्म जल के साथ सेवन करने से संधिवात का शूल कम होता है।
  • संधिवात का रोगी कोष्ठबद्धता होने पर एरंड का तेल 7-8 ग्राम की मात्रा में उबाले हुए दूध में डालकर पिएं।
  • अदरक के 5 ग्राम रस में मधु मिलाकर सेवन करने से संधि शूल नष्ट होता है।
  • महा नारायण तेल की संधि शोथ पर मालिश करें।
  • चुकंदर का सेवन करने से संधि शूल नष्ट होता है।
  • प्याज के रस को सरसों के तेल में मिलाकर हल्का-सा गर्म करके संधि शोथ पर मलने से बहुत लाभ होता है।
  • आलू की सब्जी खाने से शूल कम होता है।
  • 10 ग्राम मेथी रात को जल में डालकर रखें। प्रातः उठकर मेथी को थोड़ा-सा मसलकर, छानकर गर्म करके पीने से लाभ होता है।
  • कुलथी को जल में उबालकर क्वाथ बनाएं। क्वाथ को छानकर उसमें सोंठ का चूर्ण और सेंधा नमक मिलाकर पिएं।
  • अजवायन का 3 ग्राम चूर्ण थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर हल्के गर्म जल के साथ सेवन करें।

What to not eat on Arthritis?
घुटनों का दर्द होने पे क्या नहीं खाएं?

  • संधिवात-के-रोगी शीतल खाद्य और शीतल पेयों का सेवन न करें।
  • सब्जियों में गाजर, मूली, टमाटर, अरबी, कचालू, फूलगोभी, न खाएं।
  • दही और तक्र (मट्ठे) का सेवन न करें।
  • चावल व उड़द की दाल का सेवन न करें।
  • उष्ण मिर्च-मसाले, अम्लीय रसों से बने व गरिष्ठ खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
  • घी, तेल, मक्खन से बने पकवान न खाएं।
  • मांस, मछली व अंडे न खाएं।
  • शीतल वातावरण में घूमने-फिरने न जाएं।
  • नंगे पांव फर्श पर न घूमें |
  • भीगे वस्त्रों में देर तक न रहें।
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