वमन । उलटी का घरेलू इलाज

वमन या उलटी – Vomiting


What is the cause of Vomiting?

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उलटी होने का कारण क्या है।

वमन या उलटी आना वास्तव में कोई स्वतंत्र रोग न होकर किसी अन्य रोग का लक्षण है। इन रोगों में प्रमुख हैं-अजीर्ण, अम्लपित्त, आहार-विषाक्तता, विषाक्तता, आमाशय के निचले भाग में अवरोध, आमाशय में कैंसर या टी.बी. का संक्रमण, पित्ताशय शोथ, तीव्र वृक्क शोथ या पित्ताशय में पथरी तथा मूत्र-विष-संचार । सफर के दौरान भी कुछ व्यक्तियों को उलटी की शिकायत हो जाती है।

What are symptoms of Vomiting?

वमन के लक्षण क्या है।

वमन में पचा हुआ या आधा-अधूरा पचा आहार पूर्णतः या आंशिक रूप से मुख से बाहर निकल जाता है।

Home Remedies for Vomiting.

उलटी का घरेलू चिकित्सा।

चूंकि वमन कई रोगों का लक्षण है, अतः लक्षणों के अनुसार रोग का निदान करके ही वमन की चिकित्सा की जाती है। लाभ न होने पर किसी अन्य रोग की संभावना को ध्यान में रखते हुए तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। उलटी के प्रारंभिक लक्षणों में निम्नलिखित चिकित्सा दी जा सकती है :

  • दो भाग सौंफ, दो भाग खांड़ व एक भाग सफेद जीरा बारीक पीसकर चूर्ण बना लें। आधा चम्मच से एक चम्मच की मात्रा दो सप्ताह तक लेने से अजीर्ण व अम्लपित्त जन्य वमन में फायदा होता है।
  • दो लौंगें कूटकर आधा कटोरी पानी में उबालें । पानी आधा बचा रहने पर उसे छानकर स्वाद के अनुसार मिसरी मिलाकर लें।
  • छाया में सुखाई हुई तुलसी की पत्तियां दो भाग, अजवायन दो भाग, सेंधानमक एक भाग, तीनों को कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। यह चूर्ण आधा चम्मच की मात्रा में गुनगुने पानी के साथ लेने से वमन में तुरंत . आराम मिलता है। वृक्क शोथ जन्य वमन में यह चूर्ण सुबह-शाम लेने से वमन और वृक्क शोथ, दोनों में आराम मिलता है।
  • सूखे नारियल की जटा को जलाकर राख कर लें। इस भस्म को पीसकर व छानकर एक ग्राम की मात्रा में एक ताजे पानी के साथ देने से उल्टियां आनी तुरंत रुक जाती हैं।
  • पिपरमेंट जीभ पर रखने से वमन रुक जाता है।
  • कपूर का अर्क पीने से उलटी रुक जाती है।
  • अजवायन का सत, कपूर व पिपरमेंट को एक शीशी में मिलाकर रखें। तीनों पिघल कर जब द्रव रूप बन जाएं, तो यह मिश्रण अमृतधारा कहलाता है। दो पानी में 3-4 बूंद डालकर पिलाने से उलटी तुरंत रुक जाती है।
  • दो चम्मच तुलसी का रस, दो चम्मच शकर या मिसरी तथा आधा चम्मच पिसे हुए छोटी इलायची के बीज एक कप पानी में मिलाकर लें।
  • बच्चों को उलटी होती हो, तो तुलसी के बीज शहद में मिलाकर चटाएं। शहद के स्थान पर तुलसी के बीज दूध में भी पीसकर दिया जा सकता है।
  • यदि बुखार के साथ उलटी हो रही हो, तो मिसरी पीसकर तुलसी के रस में मिलाकर दें। तुरंत आराम मिलता है।
  • बस में सफर के दौरान जिन व्यक्तियों को वमन की शिकायत होती हो, उन्हें सफर से एक घंटा पूर्व एक लौंग चूस लेनी चाहिए । सफर के दौरान भी दो-दो घंटे बाद एक लौंग चूसते रहना चाहिए।
  • उबकाई आने व जी मिचलाने पर कागजी नीबू काटकर, उस पर- सेंधानमक व काली मिर्च लगाकर धीरे-धीरे चूसें। तुरंत आराम हो जाएगा।
  • मीठे नीम के 10 पत्ते एक गिलास गर्म पानी में पीसकर 2 घंटे के लिए डाल दें। ठंडा होने पर आधी-आधी कटोरी दिन में तीन बार लें।
  • रोगी को सुबह-शाम अनार का रस पिलाएं।

Ayurvedic Medicine for Vomiting.

वमन का आयुर्वेदिक औषधियां द्वारा इलाज।

मयूर पिच्छ भस्म, शटी प्रकंद चूर्ण, एलाचूर्ण का प्रयोग वमन को रोकने हेतु लाभदायक है।

Other medicine available in stores by various manufacturers for Vomiting.

उलटी का पेटेंट औषधियां द्वारा इलाज।

वोमिटैब सीरप व कैप्सूल (चरक), यवानी खाण्डव (धूतपापेश्वर) वमन की चिकित्सा में अत्यन्त लाभदायक हैं।

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