अम्लपित्त का घरेलू इलाज

अम्लपित्त – Peptic Ulcer ~ Stomach Ulcer


What is the cause of Stomach Ulcer?

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अम्लपित्त होने का कारण क्या है।

अचार, मिर्च, मसाले, सिरके, मदिरा, तले हुए या चटपटे भोजन, चाय आदि पदार्थों का अधिक मात्रा में व लंबे समय तक सेवन किया जाए, तो अम्लपित्त और परिणामशूल नामक रोग हो जाते हैं। विक्षोभशील व्यक्तियों में यह रोग अधिक पाया जाता है, क्योंकि ऐसे व्यक्तियों में चिंता, तनाव, शोक, भय, क्रोध आदि मानसिक भावों के कारण वेगस नाड़ी की क्रियाशीलता बढ़ जाती है, जिससे आमाशय में स्वाभाविक रूप से स्रवित होने वाले हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (जो भोजन के पाचन के लिए आवश्यक है) की मात्रा बढ़ जाती है, जो इस रोग के लिए उत्तरदायी है। शुरू में रोग की उपेक्षा करने से अम्ल के कारण आमाशय में घाव बन जाते हैं। घाव बनने के बाद भी यदि रोग का उपचार न किया जाए, तो शल्य क्रिया के बिना चिकित्सा संभव नहीं हो पाती। यह रोग पुरुषों में स्त्रियों की तुलना में 10 गुणा अधिक होता है।

What are symptoms of Peptic Ulcer?

अम्लपित्त के लक्षण क्या है।

भोजन करने के लगभग तीन घंटे बाद पेट व छाती में जलन होने लगती है, रोगी को खट्टी डकारें आती हैं और पेट में दर्द शुरू हो जाता है। मुंह में खट्टा पानी भी आने लगता है। कुछ खा लेने अथवा उलटी कर देने से शांति मिल जाती है, क्योंकि उलटी करने से अम्लयुक्त खट्टा पानी बाहर निकल जाता है और कुछ खा लेने से तेजाब निष्क्रिय हो जाता है।

Home Remedies for Stomach Ulcer.

अम्लपित्त का घरेलू चिकित्सा।

  • भोजन के बाद एक या दो लौंग मुंह में रखकर चूसने से अम्लपित्त में आराम मिलता है।
  • गाजर का रस सुबह-शाम पीने से अम्ल रोग ठीक हो जाता है।
  • काबुली (पीली) हरड़ के छिलके के चूर्ण में समान मात्रा में पुराना गुड मिलाकर छोटी-छोटी गोलियां बना लें व सुबह-शाम प्रयोग करें।
  • खाना खाने के बाद सुबह-शाम लगभग 10 ग्राम गुड मुंह में रखकर चूसें ।
  • एक ताजा आंवला या उसका मुरब्बा या आंवले का चूर्ण शहद में मिलाकर दिन में तीन बार सेवन करें।
  • सुबह-शाम 10-15 ग्राम सौंफ का काढ़ा बनाकर पिएं।
  • अदरक के 3 से 4 चम्मच रस में बराबर की मात्रा में अनार का रस मिला कर लें।
  • एक चम्मच मेथी के बीजों का चूर्ण दूध या छाछ के साथ सुबह-शाम दें।
  • पुदीने की 10 पत्तियां पीसकर, 1 कटोरी पानी में मिलाकर सुबह- शाम दें।
  • कच्चे नारियल का रस एक-एक गिलास दिन में. तीन बार पिएं।
  • बेलगिरी के पके फल का शरबत पिएं।
  • केले की जड़ सुखाकर, जलाकर राख कर लें। एक चौथाई चम्मच शहद में मिलाकर सुबह-शाम लें।
  • एक केला एक गिलास दूध के साथ प्रतिदिन सुबह-शाम लें।
  • रोगी को दिन में तीन-चार बार अंगूर खिलाएं। यदि रोगी को कुछ दिन सिर्फ अंगूर खिलाए जाएं या अंगूर का रस पिलाया जाए, तो चमत्कारिक लाभ होता है।
  • रोगी को चकोतरे का सेवन दिन में कई बार कराएं।

Ayurvedic Medicine for Peptic Ulcer.

अम्लपित्त का आयुर्वेदिक औषधियां द्वारा इलाज।

अविपत्तिकर चूर्ण, दशांग क्वाथ, धात्री लौह, कामदुधा रस, लीला विलास रस, सूतशेखर रस, शंख भस्म आदि।

Other medicine available in stores by various manufacturers for Stomach Ulcer.

अम्लपित्त का पेटेंट औषधियां द्वारा इलाज।

डाइजैम सीरप व ड्राप्स (माहेश्वरी), आमलकी गोलियां (एमिल), अल्सरेक्स गोलियां (चरक), डिवाइन अन्ताम्ल (बी.एम.सी.), सूक्तिन गोलियां (एलारसिन), आम्लान्त गोलियां (महर्षि आयुर्वेद), गैसान्तकवटी, अम्लपित्त मिश्रण (धूतपापेश्वर) अम्लपित्त में अत्यन्त लाभकारी हैं।

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