उन्माद का घरेलू इलाज

उन्माद – Mania


What is the cause of Mania?

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उन्माद होने का कारण क्या है।

भाव प्रधान मानसिक रोग विषाद के विपरीत यह क्रिया प्रधान या चेष्टा प्रधान मानस रोग है, जिसका आरंभ 15 से 30 वर्ष की आयु में हो जाता है। रोगी को नींद बहुत कम आती है। वह अधिक क्रियाशील, अधिक भ्रमणशील, अधिक भाषणशील अधिक गायनशील हो जाता है। रोगी में न विवेक होता है और न ही निर्णय लेने की शक्ति। क्रियाशीलता अधिक बढ़ने पर रोगी तोड़-फोड़ करना शुरू कर देता है व अन्य व्यक्तियों पर हमला करना भी शुरू कर देता है। कुछ समय के बाद रोग का वेग कुछ समय के लिए स्वयं ही शांत हो जाता है।

Home Remedies for Mania.

उन्माद का घरेलू चिकित्सा।

  • ब्राह्मी, बादाम, काली मिर्च, सौंफ, गुलाब के फूल, मुनक्का, मिसरी आदि के योग से बनी ठंडाई का रोगी को नियमित सेवन कराएं।
  • पेठे के बीजों का चूर्ण शहद के साथ चटाएं।
  • सर्पगंधा का चूर्ण 500 मि. ग्रा. में 3 काली मिर्चे पीसकर रोगी को दिन में तीन बार पानी के साथ दें।
  • अनन्नास का मुरब्बा सुबह-शाम रोगी को खाने को दें।
  • तुलसी की 10-15 पत्तियां सुबह-शाम रोगी को खिलाएं । इन पत्तियों को मसलकर से भी रोगी को लाभ होता है।
  • कच्ची चिरमटी को दूध के साथ पीसकर सुबह-शाम दें।
  • सीताफल की सब्जी रोगी को नित्य खिलाएं।
  • प्याज का रस सुबह-शाम 50-100 ग्राम की मात्रा में पिलाएं ।

Ayurvedic Medicine for Mania.

उन्माद का आयुर्वेदिक औषधियां द्वारा इलाज।

योगेन्द्ररस, उन्माद भंजन रस, उन्माद गज केसरी रस, महावात विध्वंसन रस, उन्माद गजांकुश रस, उन्मादनाशिनी वटी, वृहत् विष्णु तेल, सास्वतारिष्ट ।

Other medicine available in stores by various manufacturers for Mania.

उन्माद का पेटेंट औषधियां द्वारा इलाज।

मैंन्टेट गोलियां (हिमालय), ब्राह्मी वटी (डाबर), राउलिन कैप्सूल (माहेश्वरी), मैमटोन सीरप (एमिल)।

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