हिस्टीरिया का घरेलू इलाज

हिस्टीरिया – Hysteria


What is the cause of Hysteria?

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हिस्टीरिया होने का कारण क्या है।

जन्म से ही निर्बल चित्त के, 15-30 वर्ष आयु के भाव प्रधान व्यक्तियों, विशेषतः स्त्रियों में किसी निराशा, वियोग या भय आदि के कारण होने वाले मानसिक कष्टों का सामना कर पाने में विफलता के कारण अनजाने में विचित्र व्यवहार करने और अचेत हो जाने वाले रोग को अपतन्त्रक या हिस्टीरिया कहते हैं।

What are symptoms of Hysteria?

हिस्टीरिया के लक्षण क्या है।

रोग के आवेग के समय अचेतावस्था में पहुंचा व्यक्ति अनेक प्रकार की कुचेष्टाएं करता-सा प्रतीत होता है। कुछ रोगी असम्बद्ध प्रलाप करते हैं, जो वास्तव में उसके अवचेतन में दबी भावनाओं की अभिव्यक्ति होती है। कुछ रोगी मौन व स्तब्ध होकर पड़े रहते हैं। चित्त की व्याकुलता, बुद्धिभ्रम, अकारण हंसना या रोना, चक्कर आना, उच्च स्वर में अट्टहास करना इस रोग के अन्य लक्षण हैं। यह रोग अधिकांशतः स्त्रियों में होने के कारण योषापस्मार भी कहलाता है।

मिरगी के विपरीत इस रोग का दौरा सुरक्षित स्थान पर पड़ता है और रोगी को प्रायः चोट नहीं लगती है।

Home Remedies for Hysteria.

हिस्टीरिया का घरेलू चिकित्सा।

मनोचिकित्सा

मनोचिकित्सक रोगी को मानसिक रूप से विपरीत परिस्थितियों का सामना करने हेतु तैयार करता है, ताकि रोगी विपरीत परिस्थितियों (जिसके कारण रोग हुआ है) का सामना दृढ़ चित्त से कर सके।

औषधि चिकित्सा औषधि चिकित्सा में भी मन को नियंत्रित करने वाली तथा हृदय व मस्तिष्क को बल देने वाली औषधियों का प्रयोग किया जाता है। इसके अतिरिक्त वायु के प्रकोप को शमन करने हेतु कब्ज दूर करने वाली औषधियों का भी प्रयोग किया जाता है।

  • 10 ग्राम काली मिर्च और 20 ग्राम बच को कूटकर चूर्ण बनाएं और दोनों के वजन के बराबर गुड मिलाकर 1-1 ग्राम की गोलियां बनाएं । इसकी गोली सुबह तथा 1 गोली शाम के समय खट्टे दही के साथ सेवन करें और गोली की मात्रा प्रति सप्ताह हुए 3-4 तक ले जाएं।
  • गुलकंद के साथ बड़ी हरड़ का चूर्ण गर्म पानी के साथ रात को सोते समय दें।
  • हींग, खुरासानी अजवायन, कपूर व जटामासी बराबर मात्रा में मिलाकर 500 मि.ग्रा. की गोलियां बना लें। 1-1 गोली दिन में तीन बार शहद के साथ दें।
  • सीताफल की सब्जी रोगी को खूब खिलाएं।

Ayurvedic Medicine for Hysteria.

हिस्टीरिया का आयुर्वेदिक औषधियां द्वारा इलाज।

योगेन्द्र रस, योषापस्मारध्न रसायन, वात चिन्तामणि रस, मरिचादि वटी, योषापस्मार-हरवटी, वृहत्भूतभैरव रस ।

Other medicine available in stores by various manufacturers for Hysteria.

हिस्टीरिया का पेटेंट औषधियां द्वारा इलाज।

सर्पिना गोलियां (हिमालय), स्टैसनिल कैप (वैद्यनाथ) ।

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