अफारा व पेट दर्द का घरेलू इलाज

अफारा व पेट दर्द – Flatulence & Abdominal Colic


What is the cause of Flatulence & Abdominal Colic?

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अफारा व पेट दर्द होने का कारण क्या है।

आहार-विहार की गड़बड़ी के कारण जब लंबे समय तक अग्नि मंद रहे और चिकित्सा न की जाए तो पाचन तंत्र अत्यधिक बिगड़ जाता है। दूसरे शब्दों में, अजीर्ण की उपेक्षा करने पर यह रोग उत्पन्न होता है। कब्ज और अजीर्ण की चिकित्सा न होने से पेट में वायु और मल का अवरोध हो जाता है। अफारा होने पर तुरंत कोई चिकित्सा न की जाए, तो पेट में भयंकर दर्द शुरू हो सकता है, जिसे उदरशूल या वायुशूल कहते हैं।

What are symptoms of Flatulence & Abdominal Colic?

अफारा व पेट दर्द के लक्षण क्या है।

पेट में मल और वायु का अवरोध हो जाने के कारण रोगी का पेट फूल जाता है। रोगी को घबराहट और बेचैनी रहती है, उसे लेटकर या बैठकर किसी भी अवस्था में चैन नहीं मिलता । कभी-कभी वायु और मल का यह अवरोध इतना तीव्र होता 7 है कि रोगी को भयंकर पेट दर्द होता है और रोगी दर्द से चिल्लाता है।

Home Remedies for Flatulence & Abdominal Colic.

अफारा व पेट दर्द का घरेलू चिकित्सा।

  • जम्बीरी नीबू का रस, अजवायन और सेंधा नमक मिलाकर सेवन करने से अफारे में तुरंत आराम मिलता है।
  • नीबू के रस में जायफल घिसकर चाटने से वायु अवरोध शीघ्र ही समाप्त हो जाता है।
  • सोंठ के चूर्ण (1 चम्मच) में थोड़ा-सा काला नमक मिलाकर गुनगुने पानी से दें।
  • आधा चम्मच पिसी हुई अजवायन में चुटकी भर काला नमक मिलाकर आधा कप गर्म पानी से दें।
  • पेट में तेज दर्द हो, तो घी में हींग और नमक डालकर गर्म करें तथा रोगी की नाभि, पर व नाभि के चारों ओर मल दें। इसके साथ-साथ नीबू के रस में भुनी हुई हींग व नमक डालकर दो-दो चम्मच की मात्रा में कई बार पिलाएं।
  • अदरक व प्याज का रस मिलाकर तीन-तीन चम्मच रोगी को दें।
  • अदरक को पीसकर उसमें नमक, जीरा व नीबू डालकर. सूप बनाकर रोगी को दें।
  • अजवायन को नीबू के रस में भिगोकर रखें व छाया में सुखाएं । सूखने पर उसका चूर्ण बना लें व काला नमक मिला लें । इसमें से एक चम्मच चूर्ण गर्म पानी के साथ दें।
  • अजवायन व सोंठ को बराबर मात्रा में पीसकर रख लें । फिर थोड़ा-सा काला नमक मिलाएं । यह चूर्ण 1 चम्मच की मात्रा में गर्म पानी के साथ दें।
  • एक चम्मच प्याज के रस में बराबर की मात्रा में शहद मिलाकर दें।
  • नीम के फूल या तुलसी के पत्ते पीसकर पेट पर लेप करें।
  • सरसों व चावल बराबर मात्रा में पीसकर एक कटोरी पानी में उबालें। खिचड़ी की तरह गाढ़ी हो जाने पर एक कपड़े पर फैला दें व पेट पर रखें ।
  • एक चम्मच सौंफ को एक कप गर्म पानी में उबाल कर दें । सौंफ की जगह एक चम्मच शहद या गुलाब जल को गर्म पानी के साथ दे सकते हैं।
  • पुदीने के 10-15 पत्ते 1 कप पानी में उबालकर पिलाने से उदरशूल व अफ़ारे में तुरंत लाभ मिलता है।
  • धनिया, लौंग व जायफल बराबर मात्रा में पीसकर चूर्ण बना लें। यह आधा चम्मच चूर्ण चुटकी भर कपूर के साथ गुनगुने पानी से दें।
  • मेथी के दाने भूनकर चूर्ण बना लें व एक चम्मच की मात्रा में गर्म पानी के साथ दें।
  • कलौंजी, काली मिर्च और सोंठ बराबर मात्रा में मिला लें। इसमें से यह १ चुटकी चूर्ण 1 कटोरी गर्म पानी के साथ दें।
  • 4 चम्मच अनार के फूलों का रस मिलाकर दें।
  • धनिया, सौंफ़ व सोंठ बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बनाएं । 1 चम्मच चूर्ण व चुटकी भर हींग को 1 कटोरी गर्म पानी से दें।
  • तुलसी के 20 पत्ते पीसकर चटनी बना लें व इसे नाभि के चारों ओर पेट पर लेप करें।
  • दिन में तीन बार संतरे के रस का प्रयोग करें।

What to eat or not in Flatulence & Abdominal Colic?

अफारा व पेट दर्द होने पे भोजन एवं परहेज।

गरिष्ठ और रूखा भोजन नहीं करना चाहिए। नीबू, हींग, अदरक, मूली, प्याज आदि चीजें इस रोग में विशेष रूप से फायदेमंद होती हैं।

Ayurvedic Medicine for Flatulence & Abdominal Colic.

अफारा व पेट दर्द आयुर्वेदिक औषधियां द्वारा इलाज।

अग्निमुख चूर्ण, हिंग्वाष्टक चूर्ण, शंखभस्म, अग्नितुण्डी वटी, शंखवटी, रसानादिवटी आदि। पेट दर्द के लिए नरसरादि चूर्ण, कुवेराक्ष वटी का प्रयोग भी किया जा सकता है।

Other medicine available in stores by various manufacturers for Flatulence & Abdominal Colic.

अफारा व पेट दर्द का पेटेंट औषधियां द्वारा इलाज।

गैसेक्स गोलियां (हिमालय), गारलिल गोलियां (चरक), झण्डुजाइम गोलियां (झण्डु), शूल वज्रनी वटिका (आर्य वैद्यशाला)।

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