लीवर सिरोसिस का घरेलू इलाज

यकृत (जिगर) वृद्धि – Cirrhosis of Liver


What is the cause of Cirrhosis of Liver?

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लीवर सिरोसिस होने का कारण क्या है।

यकृत की कोशिकाओं को मुख्यतः शिराओं का रक्त (अशुद्ध) ही मिलता है, जिससे उनकी प्रतिरोधक शक्ति स्वाभाविक रूप से ही कम होती है। जब कोई विक्षोभकारी बाहरी द्रव्य यकृत में प्रवेश करता है, तो उसका मुकाबला करते हुए यकृत की कुछ कोशिकाओं की मृत्यु हो जाती है, जिनके स्थान पर नई कोशिकाएं आ जाती हैं। यदि यह बाहरी द्रव्य अधिक हानिकारिक प्रकृति का हो या यकृत में अधिक समय तक रहे और अधिक कोशिकाएं मृत हो जाएं, तो उनके स्थान पर स्नायु तन्तु आ जाते हैं, जिससे यकृत कठोर तथा आकार में छोटा हो जाता है। यह स्थिति कभी-कभी गर्भावस्था में शरीर में अधिक मात्रा में विष द्रव्य बनने या संखिया, पारा आदि तीक्ष्ण दवाओं के अधिक मात्रा में ले लेने से भी उत्पन्न हो जाती है।

What are symptoms of Cirrhosis of Liver?

लीवर सिरोसिस के लक्षण क्या है।

भूख में कमी, बुखार, शरीर में पीलापन, उलटी, कमजोरी, दाईं ओर की पसलियों के नीचे की ओर दर्द, पेट में अफारा, पेट और पैरों में भारीपन । रोग बढ़ने पर जलोदर, रक्तवमन और जैसे लक्षण प्रकट होने लगते हैं।

Home Remedies for Cirrhosis of Liver.

लीवर सिरोसिस का घरेलू चिकित्सा।

  • बड़ी हरड़ का चूर्ण दोगुने गुड में मिलाकर रोगी को सुबह-शाम गर्म पानी से दें।
  • दिन में दो बार प्याज भूनकर दें।
  • दो नीबू लेकर’बीच से काटकर उनके बीज निकाल दें। चारों फांकों में से एक में पिसी हुई काली मिर्च, दूसरे में पिसी हुई सोंठ, तीसरे में मिसरी और चौथे में सेंघानमक या काला नमक भर दें। रात भर रखने के बाद सुबह खाली पेट नीबू की इन फांकों को मंदी आंच या तवे पर गर्म करके चूसें।
  • उबला हुआ पानी सुबह-शाम भोजन के बाद करके पिएं।
  • 2 चम्मच अजवायन और 2 बड़ी पिप्पल मिटूटी के बरतन में रात भर भिगोकर रखें । सुबह पीसकर व उसी पानी में घोलकर रोज खाली पेट १ सप्ताह तक दें।
  • गन्ने का एक-एक गिलास रस दिन में तीन-चार बार रोगी को दें।
  • गाजर के रस में चुकंदर का रस तथा काला नमक व काली मिर्च डालकर सुबह-शाम खाली पेट दें।
  • एक चम्मच मेथी के दाने कूटकर 1 कटोरी पानी में उबालें। पानी तीन चौथाई रह जाने पर छानकर करके गर्म को ही पिएं।
  • पके हुए पपीते के काले बीज यकृत वृद्धि की चिकित्सा में लाभदायक होते हैं, विशेष रूप से शराब के अधिक सेवन या पौष्टिक भोजन के अभाव के कारण हुई यकृत वृद्धि में । बीजों का चार चम्मच रस निकालकर आधा चम्मच नीबू के रस में मिलाएं और सुबह-शाम दें। लगभग एक माह में यकृत बिलकुल सामान्य हो जाएगा।

What to eat or not in Cirrhosis of Liver?

लीवर सिरोसिस होने पे भोजन एवं परहेज।

शराब, लाल मिर्च, अचार, सिरका, तेज मसाले व तले हुए भोजन का पूर्णतः परहेज करना चाहिए। प्रोटीन युक्त भोजन का प्रयोग विशेष रूप से करना चाहिए। गाय का क्रीम निकाला दूध या छाछ रोगी को दें । फलों का रस व उबली हुई सब्जियां दें।

Ayurvedic Medicine for Cirrhosis of Liver.

लीवर सिरोसिस का आयुर्वेदिक औषधियां द्वारा इलाज।

यकृतहर लौह, यकृदारि लौह, लौह भस्म योग, अयोरजादि चूर्ण, हरीतकी चूर्ण योग, मण्डूरवटी, लौहचूर्ण वटक, आदि।

Other medicine available in stores by various manufacturers for Cirrhosis of Liver.

लीवर सिरोसिस का पेटेंट औषधियां द्वारा इलाज।

फाइलासिल कैप्सूल (माहेश्वरी), एमली क्योर डी.एस. सीरप (एमिल), लिवोमिन सीरप (चरक), साइटोजन गोलियां (चरक), एम्लीक्योर सीरप व गोलियां (एमिल), डिवाइन लिव-सी कैप्सूल (बी.एम.सी.) इस रोग की चिकित्सा में लाभदायक हैं।

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