शीत पित्त का आयुर्वेदिक उपचार

Hives ~ Urticaria Home Remedies In Hindi

शीत पित्त में शरीर के विभिन्न अंगों में खुजली के साथ त्वचा पर लाल चकते बन जाते हैं। शीत पित्त की विकृति शीत ऋतु में अधिक होती है। शीत पित्त की विकृति रोगी को बहुत बेचैन कर देती है। त्वचा को खुजलाने पर लाल चकते होने पर बहुत जलन व पीड़ा होती है। जनसाधारण में इस शीत पित्त को ‘पित्ती उछलना’ कहा जाता है।

Why does Urticaria happens?

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शीत पित्त क्यों होता है?

उत्पत्ति : चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में पित्त की अधिकता होने पर रक्त की उष्णता के कारण शीत पित्त की उत्पत्ति होती है। भोजन में मिर्च-मसाले, अम्ल रस, घी-तेल से बने खाद्य पदार्थ, फास्ट फूड, चाइनीज व्यंजनों के खाने से शरीर में पित्त की अधिक उत्पत्ति होती है। सर्दी-गर्मी के आकस्मिक प्रभाव से किसी समय भी शीत पित्त निकल आता है। दूषित मांस-मछली व प्रकृति विरुद्ध खाद्य पदार्थों के सेवन से शीत पित्त की उत्पत्ति होती है।

What are Symptoms of Hives?

शीत पित्त के लक्षण क्या है ?

लक्षण : शीत पित्त में शरीर के किसी भी भाग में खुजली होती है और फिर खुजलाने पर चकते बन जाते हैं। चकतों में बहुत जलन और पीड़ा होती है। शीतल वायु के प्रभाव से अधिक चकते निकलते हैं। 30-40 मिनट में चकते अपने आप नष्ट हो जाते हैं, लेकिन ठंडा-गर्म खा लेने पर फिर उभर आते हैं।

बार-बार शीत पित्त की विकृति होने पर रोगी को हल्का ज्वर व वमन विकृति की शिकायत हो सकती है। कुछ रोगी अतिसार से भी पीड़ित होते हैं।

कुछ व्यक्तियों को किसी वस्तु, पशु-पक्षी, पेड़-पौधे आदि से शीत पित्त होता है तो उन्हें ऐसी है। एलर्जिक चीजों के संपर्क में आने पर त्वचा में कहीं भी खुजली होने लगती है।

What to eat on Urticaria?

शीत पित्त होने पे क्या खाएं?

  • हल्के सुपाच्य व तरल आहार दलिया, मूंग की दाल-चावल की खिचड़ी सेवन करें।
  • खजूर खाकर ऊपर से दूध का सेवन करें।
  • नीम के गुलाबी कोमल पत्तों को आंवले के साथ पीसकर घी मिलाकर सेवन करें। शीत पित्त विकृति नष्ट होती है।
  • चिरौंजी की 50 ग्राम गिरी खाने से शीत पित्त नष्ट होता है।
  • अंकोल की जड को छाया में सुखाकर कूट-पीसकर चूर्ण बनाकर 1 ग्राम चूर्ण सुबह-शाम हल्के गर्म जल के साथ सेवन करें।
  • नागकेसर को कूट-पीसकर 3 ग्राम में मधु मिलाकर चाटकर खाएं।
  • अदरक का 5 ग्राम रस, मधु 5 ग्राम मात्रा में मिलाकर चाटकर सेवन करें।
  • अजवायन का 1 ग्राम चूर्ण सेंधा नमक मिलाकर जल के साथ सेवन करें।
  • काली मिर्च और अजवायन का एक-एक ग्राम चूर्ण गुड के साथ सेवन करने से शीत पित्त का निवारण होता है।
  • धनिया, जीरा और सोंठ को 5-5 ग्राम मात्रा में मिलाकर जल में उबालकर क्वाथ बनाएं। इस क्वाथ को छानकर पीने से शीत पित्त नष्ट होता है।
  • बूंदी वाले लड्डू के साथ काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर खाएं।
  • अजवायन के चूर्ण को गुड के साथ खाने से शीत पित्त नष्ट होता है।
  • जल में नींबू का रस मिलाकर दिन में एक-दो बार अवश्य पिएं।

What to not eat on Hives?

शीत पित्त होने पे क्या नहीं खाएं?

  • शीतल खाद्य पदार्थों व शीतल पेयों का सेवन न करें।
  • नंगे पांव न रहें। गीले वस्त्रों में देर तक न रहें।
  • उष्ण मिर्च-मसालों व अम्लीय रसों से बने खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
  • घी, तेल से बने पकवानों का सेवन न करें।
  • यदि किसी वस्तु से एलर्जी होती है तो उससे अलग रहें।
  • मांस, मछली का सेवन न करें।
  • चाय, कॉफी व शराब न पिएं।
  • दूषित और बासी भोजन न खाएं।
  • मछली और दूध, मधु और घी, दही व घी प्रकृति-विरुद्ध खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
  • धूप से पसीने-पसीने हुए घर लौटते ही शीतल जल न पिएं।
  • पसीने से भीगे हुए शीतल जल से स्नान न करें।
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