हिचकी का घरेलू उपचार

Hiccups Natural Cure In Hindi

किसी भी स्त्री-पुरुष, बच्चे व प्रौढ़ को किसी समय भी हिचकी आ सकती है, लेकिन जब निरंतर हिचकी आने लगे तो रोगी के लिए मुसीबत बन जाती है। निरंतर हिचकी का आना रोगी के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है।

उत्पत्ति : पाचन क्रिया की विकृति के कारण पेट में बदहजमी होने पर हिचकी आने लगती है। वृक्कों (गुर्दों) में सूजन होने पर भी हिचकी की उत्पत्ति होती है। स्नायुओं में किसी कारण से उत्तेजना होने पर भी हिचकिया आने लगती हैं। हिस्टीरिया रोग से पीड़ित लकड़ियों को बहुत हिचकिया आती हैं।

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मस्तिष्क शोथ के कारण भी कुछ व्यक्तियों को हिचकी की विकृति होती है। वात श्लैष्मिक ज्वर अर्थात इंफ्लूएंजा, आंत्रिक ज्वर (टायफायड), हैजा व उदर रोगों के कारण भी हिचकी की उत्पत्ति होती है। उष्ण मिर्च-मसालों व अम्लीय रसों से निर्मित खाद्य पदार्थों के सेवन से अधिक हिचकिया आती हैं।

लक्षण : निरंतर हिचकिया आने पर रोगी को श्वास लेने में बहुत कठिनाई होती है। निरंतर हिचकी से छोटे बच्चे रोने लगते हैं। रोते-रोते भी हिचकिया आने लगती हैं। जल पीने से हिचकी बंद न हो तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। यदि किसी रोग के कारण हिचकी की उत्पत्ति हो तो पहले उस रोग की चिकित्सा करानी चाहिए।

क्या खाएं?

  • 3 ग्राम की मात्रा में कलौंजी पीसकर, मक्खन मिलाकर सेवन करने से हिचकिया बंद हो जाती हैं।
  • मोर के पंखों के ऊपरी भाग (चंद्र भाग) को काटकर, किसी मिट्टी के पात्र में रखकर, आग पर गर्म करके भस्म बना लें। इस भस्म में मधु मिलाकर चाटकर खाने से हिचकी बंद होती है।
  • पीपली का चूर्ण बनाकर 1 ग्राम चूर्ण मधु मिलाकर चाटकर खाने से हिचकी का निवारण होता है।
  • सेंधा नमक व काला नमक 1-1 ग्राम की मात्रा में हल्के गर्म जल में मिलाकर पीने से कुछ देर में हिचकी बंद हो जाती है।
  • मूली के हरे कोमल पत्तों को चबाकर खाने से हिचकी बंद हो जाती है।
  • 10 ग्राम राई जल में उबालकर, छानकर थोड़ा-थोड़ा पीने से हिचकी बंद हो जाती है।
  • सोंठ को जल के साथ घिसकर या पीसकर मात्र से हिचकी बंद हो जाती |
  • तुलसी के पत्तों के 5 ग्राम रस में 3 ग्राम मधु मिलाकर चाटने से हिचकी बंद होती है।
  • काली मिर्च को तवे पर जलाने पर उसके धुएं को से हिचकी नष्ट होती ।
  • प्याज को बारीक-बारीक काटकर, उसमें सेंधा नमक मिलाकर खाने से हिचकिया बंद होती हैं।
  • प्याज के रस में मधु मिलाकर चाटकर खाने से हिचकी बंद होती है।
  • मुंह में इलायची रखकर चूसने से हिचकी बंद हो जाती है।
  • कागजी नींबू के 10 ग्राम रस में थोड़ा-सा सेंधा नमक और मधु मिलाकर चाटने से हिचकी बंद होती है।
  • सोंठ, पीपल, आंवला और मिसरी सभी चीजें 5-5 ग्राम मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर रखें। 3 ग्राम चूर्ण मधु मिलाकर चाटकर सेवन करें।

क्या न खाएं?

  • उष्ण मिर्च-मसालों व अम्लीय रसों से निर्मित खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
  • घी, तेल से बने पकवानों का सेवन न करें।
  • चाइनीज व फास्ट फूड का सेवन न करें।
  • चटपटे, स्वादिष्ट समोसे, कचौड़ी, आलू की टिकिया, गोल-गप्पें व छोले-भटूरे आदि न खाएं। इनके खाने से पाचन क्रिया विकृत होती है।
  • चाय, कॉफी का सेवन न करें।
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