आग से जलने पर का घरेलू नुस्खे

First Degree Burn Natural Remedies In Hindi

थोड़ी-सी लापरवाही से आग से जलने की दुर्घटनाएं होती रहती हैं। घर में काम करते हुए रसोईघर में आग से जलने की बहुत घटनाएं होती हैं। आग से जलने पर अधिक पीड़ा व जलन होती है। अधिक जल जाने पर मृत्यु की संभावना बढ़ जाती है।

Why does First Degree Burn happens?

Loading...

आग से जलने क्यों होता है?

उत्पत्ति : रसोईघर में खाना पकाते हुए, आग से जलने की अधिक संभावना रहती है। बहुत से स्त्री-पुरुष व बच्चे गर्म जल, तेल व दूध से जल जाते हैं। छोटे बच्चे मोमबत्ती जलाकर खेलते हुए जल जाते हैं। गर्म चाय से जलने की भी बहुत घटनाएं होती हैं। पेट जलने पर अधिक हानि होती है।

What are Symptoms of First Degree Burn?

आग से जलने के लक्षण क्या है?

लक्षण : आग से जलने पर त्वचा जलकर अलग हो जाती है। नीचे से मांस दिखाई देने लगता है। जलने पर तीव्र जलन और पीड़ा से रोगी बेहोश भी हो सकता है। असहनीय पीड़ा से रोगी तड़प उठता है। जलने के बाद फफोले पड़ जाते हैं। यदि जलने पर तुरंत चिकित्सा न हो पाए तो पूय बनने लगती है। ऐसे में जीवाणुओं के संक्रमण से अधिक हानि पहुंच सकती है।

What to eat on First Degree Burn?

आग से जलने पे क्या खाएं?

  • आग से जलने पर चंदन का तेल लगाने से तीव्र जलन और पीड़ा नष्ट होती।
  • बड़ी हरड़ का छिलका, सफेद जीरा, राल, मोम और मधु मिलाकर, कूट-पीसकर घी मिलाकर जले भाग पर लेप करने से जख्म से सुरक्षा होती है।
  • किसी अम्ल (तेजाब) से जलने पर, उस भाग पर अधिक-से-अधिक जल गिराएं। तीव्र जलन व पीड़ा नष्ट होती है।
  • आग से जलने पर आलू को कूट-पीसकर लेप करने से बहुत लाभ होता है।
  • हल्दी को जल में मिलाकर आग से जले अंग पर लेप करें। लेप सूख जाने पर फिर लेप कर दें।
  • तुलसी के रस को नारियल के तेल में अच्छी तरह मिलाकर जले भाग पर लेप करें। यह लेप दिन में कई बार करें।
  • केले को पीसकर जले हुए अंग पर लगाने से जलन नष्ट होती है।
  • गाजर को छीलकर, पीसकर जले भाग पर लेप करें। जलन व पीड़ा नष्ट होती ।
  • मधु का लेप करने से आग की जलन व पीड़ा नष्ट होती है।
  • रात को चूने को जल में डालकर रखें। प्रातः उठकर चूने के ऊपर के जल को अलग कर लें। इस जल को अलसी के तेल में मिलाकर रूई से जले भाग पर लगाएं। थोड़ी-थोड़ी देर में लगाते रहें।
  • मोर के पंखों के ऊपरी भाग को जले हुए हाथ के साथ बांधकर रखें।
  • मेथी के पत्तों को पीसकर जले हुए भाग पर लेप करें।
  • दूर्वा और चौलाई के पत्तों को पीसकर जले हुए भाग पर लेप करें।
  • करेले के रस में रुई डुबोकर थोड़ी-थोड़ी देर के बाद जले भाग पर लगाएं। फफोले व जख्म नहीं बनते।
  • अनार के पत्तों को पीसकर जले हुए भाग पर लेप करें।
  • तारपीन का तेल और मिलाकर आग से जले अंग पर लगाएं।
  • नारियल के तेल को मोम के साथ मिलाकर लेप करें। आग की जलन व पीड़ा नष्ट होगी।

What to not eat on First Degree Burn?

आग से जलने पे क्या नहीं खाएं?

  • चाय, कॉफी न पिएं।
  • जले हुए भाग को किसी गर्म कपड़े से ढककर न रखें।
  • शीतल खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
  • अधिक उष्ण मिर्च-मसालों व अम्लीय रसों से बने खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
  • धूल-मिट्टी के वातावरण से दूर रहें और जले हुए अंगों को दूर रखें।
  • आम, अचार, कांजी व दूसरी खट्टी चीजों का इस्तेमाल न करें।
Loading...

Leave A Reply

Your email address will not be published.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept