मोतियाबिंद का घरेलू उपचार

Cataracts Natural Cure In Hindi

प्रौढ़ावस्था में अधिकांश स्त्री-पुरुष मोतियाबिंद से पीड़ित होते हैं। मोतियाबिंद के कारण नेत्र ज्योति अधिक क्षीण हो जाती है और रोगी को धुंधला दिखाई देता है। मोतियाबिंद की चिकित्सा में अधिक विलम्ब किया जाए तो रोगी नेत्रहीन भी हो जाता है।

Why does Cataracts happens?

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मोतियाबिंद क्यों होता है?

उत्पत्ति : भोजन में पौष्टिक तत्त्वों के अभाव के कारण नेत्र ज्योति अधिक क्षीण होती है। प्रौढ़ावस्था में नेत्र ज्योति अधिक क्षीण हो जाती है। ऐसे में अधिक लिखने-पढ़ने का काम करने, टेलीविजन देखने व कम्पयूटर पर कार्य करने से नेत्र ज्योति अधिक क्षीण होती है और मोतियाबिंद की अल्प आयु में ही उत्पत्ति होने लगती है।

नेत्रों को दूषित जल से बहुत हानि पहुंचती है। नगरों के समीप नदियों का जल अधिक दूषित होता है। ऐसे दूषित जल में स्नान करने व तैरने से नेत्रों को बहुत हानि होती है, क्योंकि दूषित जल से अनेक तरह के जीवाणु नेत्रों में विभिन्न रोगों की उत्पत्ति करते हैं।

जीवाणुओं के कारण शोथ होती है। बार-बार शोथ होने से नेत्रों को बहुत हानि होती है।

किशोरावस्था में भोजन में विटामिन ‘ए’ की कमी से नेत्रों को बहुत हानि पहुंचती है। नेत्र ज्योति क्षीण होती है और नेत्रों को अनेक रोग घेरे रहते हैं। ऐसे स्त्री-पुरुष जल्दी मोतियाबिंद के शिकार होते हैं। संधिवात (गठिया) और मधुमेह से पीड़ित स्त्री-पुरुष को भी मोतियाबिंद अधिक होता है। नेत्रों पर आघात लगने से भी मोतियाबिंद की अधिक उत्पत्ति होती है। अधिक तीव्र रोशनी में काम करने वाले भी मोतियाबिंद से अधिक पीड़ित होते हैं।

What are Symptoms of Cataracts?

मोतियाबिंद के लक्षण क्या है?

लक्षण : मोतियाबिंद के प्रारंभ में रोगी को दूर की चीजें देखने में परेशानी होने लगती है। दूर के ‘साइन बोर्ड’ और बसों के नम्बर देखने में कठिनाई होती है। रोगी को सब धुंधला-धुंधला दिखाई देता है। रात होने पर अधिक धुंधला दिखाई देता है।

दूर जलते बल्ब के चारों ओर किरणें बिखरती दिखाई देती हैं। एक वस्तु दो दिखलाई देती हैं। मोतियाबिंद की विकृति एक नेत्र में होती है। कुछ स्त्री-पुरुषों के दोनों नेत्रों में मोतियाबिंद हो जाता है।

What to eat on Cataracts?

मोतियाबिंद होने पे क्या खाएं?

  • घी, दूध, मक्खन व पनीर का सेवन करें।
  • हरी सब्जियों का अधिक मात्रा में सेवन करें। बथुआ, पालक, मेथी, चौलाई आदि का अधिक सेवन करें।
  • सूर्योदय के समय भ्रमण के लिए जाएं और शुद्ध वायु में देर तक रहें।
  • प्रतिदिन सुबह-शाम दूध अवश्य पिएं। यदि संभव हो तो गाय का दूध पिएं।
  • अनार, सेब, अंजीर, खजूर, नाशपाती, अनन्नास, अंगूर आदि फलों का सेवन करें। फलों का रस पिएं।
  • नारियल का अधिक सेवन करें। नारियल का जल पिएं।
  • प्रातः सूर्य नमस्कार करने से नेत्रों को बहुत लाभ होता है।
  • प्रतिदिन 200 ग्राम गाजर का रस पिएं। गाजर के रस में पालक का रस मिलाकर पीने से अधिक लाभ होता है।
  • 50 वर्ष की आयु में नेत्रों में प्रतिदिन 1-1 बूंद मधु लगाने से मोतियाबिंद से सुरक्षा होती है।
  • रात्रि को दो-तीन बादाम जल में डालकर रखें। प्रातः बादाम के छिलके अलग करके, बादाम पीसकर दूध में मिलाकर सेवन करें।
  • मुनक्का व किशमिश खाने से लाभ होता है।

What to not eat on Cataracts?

मोतियाबिंद होने पे क्या नहीं खाएं?

  • उष्ण मिर्च-मसालों व अम्लीय रसों से बने चटपटे खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
  • तेज रोशनी के वातावरण में अधिक समय तक काम न करें।
  • धूल-धुएं व गैसों के वातावरण में नहीं रहना चाहिए।
  • मांस, मछली का अधिक सेवन न करें।
  • दूषित जल व दूषित बासी भोजन न खाएं।
  • अचार व दूसरे खट्टे खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
  • चाय, कॉफी व शराब का सेवन न करें।
  • गर्म जल से नेत्रों को न धोएं।
  • टेलीविजन अधिक समय तक न देखें।
  • तेज धूप में घर से बाहर न निकलें।
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